बहरागोड़ा. ज्ञात हो कि बहरागोड़ा प्रखण्ड अन्तर्गत माटिहाना पंचायत के कलावाड़िया - जामिरडिहा सीमा पर सुवर्ण रेखा परियोजना से पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है.विगत दिनों गांव में ग्राम सभा कर प्राक्कलन के आधार पर गुणवत्ता पुर्ण काम करने का आदेश पारित किया गया था. पर आदेश के एक महीने बाद भी उसका अनुपालन नहीं किया गया.काम में मनमानी किया गया. जमीन मालिक से अनुमति तक नहीं लिया गया.निजि जमीन में कम गढ्ढा कर उपर-उपर पाइप बिछाया जा रहा है. इस लिए शुक्रवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रान्तिकारी मोर्चा के कोल्हान महामंत्री कलन महतो के नेतृत्व में कार्यस्थल पहुंचकर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कार्य को बंद कर दिया गया.कलन महतो ने विभाग के उपर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग ने अपना कार्य एवं कर्तव्य में शत प्रतिशत पारदर्शिता उपस्थापित करने तक कार्य बंद रहेगी. कलन महतो ने कहा कि विभाग अपना वेवसाईट में पारदर्शिता सुनिश्चित करें, रिकॉर्ड की प्रति दें ,कनिय अभियंता कार्य स्थल पर योजना की एमबि तैयार करें.मौके पर प्रखंड सचिव अजित महतो, सुबोध मांडी, रबिन मुर्मू, मंगल मुण्डा, प्रभाष मानकी, श्याम सोरेन,राजु महतो उपस्थित थे.
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शुक्रवार, 21 मार्च 2025
बहरागोड़ा:-गुणवत्ता पुर्ण काम नहीं होने पर, ग्रामीणों ने कराया काम बंद
बहरागोड़ा:ओलावृष्टि में कई किसानों के फसल नष्ट....
संवाददाता:-देवाशीष नायक
बाहरागोड़ा प्रखंड के बेहेड़ा गांव में बीते दिनों हुई
ओलावृष्टि में कई किसानों के फसल नष्ट हो गए हैं. इस संबंध में बेहेड़ा ग्राम के
किसान राजकुमार डे ने बताया कि अचानक हुए ओलावृष्टि से उनके खेतों में लगे पत्ता
गोबी , करेला व कद्दू के अलावा केले की फसल क्षतिग्रस्त हो गई है. जिससे उनको लगभग
एक लाख रुपए की क्षति पहुंची है. पीड़ित किसान ने बताया कि करेले की खेती प्रचुर
मात्रा में की थी.किसान भावेश महतो, गौरांग महतो, किशन हांसदा, तापस महतो आदि ने
बताया कि क्षेत्र के किसान सालाना करेले से अच्छा मुनाफ़ा कमाते हैं. ओलावृष्टि से
करेले की खेती बर्बाद हो गयी.क्षेत्र के किसान नगदी फसल के तौर पर करेले की खेती
करते हैं. प्रतिवर्ष करेले से अच्छा मुनाफा कमाते हैं. इस वर्ष की आंधी और
ओलावृष्टि ने किसानों को तबाह कर दिया है.जिससे काफी क्षति उठानी पड़ी है.गांव के
अन्य किसान सौरभ डे, समीर डे, रमजान डे आदि के खेतों में लगे सब्जी की फसल व्यापक
मात्रा में नष्ट हो गए हैं.उन्होंने बताया कि गरमा फसल लगाने समय दस हजार रुपये की
बीज एवं दवा मे पूंजी लगाकर लाया गया था। जिसमें सभी फसल तैयार हो चुके थे।अब प्रति
सप्ताह बाजार में 4-5 हजार रुपये की टमाटर मिर्च करेला का बिक्री कर लेते थे, परंतु
इस ओलावृष्टि पड़ने से काफी नुकसान हुआ है ।सभी किसानों ने बाहरागोड़ा अंचल प्रशासन
से इस प्राकृतिक आपदा में हुए फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र भुगतान करने की मांग की
है.