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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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मंगलवार, 31 दिसंबर 2024

"मानगो से जल्द कचड़ा नहीं उठा तो आज़ाद समाज पार्टी करेगी आंदोलन"

पिछले कई दिनों से जमशेदपुर के मानगो इलाके में मानगो नगर निगम के द्वारा कचड़े को नही उठाया जा रहा है, जिस कारण से मानगो के सड़को, गली और मोहल्लों पर कचड़े का जमावड़ा देखा जा सकता है, जो अब इस हद्द तक बढ़ चुका है कि मेन रोड की सड़कें कचड़ों से आधी ढक चुकी है, कचड़ों की बदबू से आस आप की घरों में रहना मुश्किल हो गया है, अब यह स्थिति कुछ दिनों से और भयावह हो कर बीमारियों को जन्म देना शुरू कर सकती है, अगर इससे बीमारियां उत्पन्न होना शुरू हुई तो इसके सीधे ज़िम्मेदार मानगो नगर निगम, ज़िला अधिकारी, यहां के विधायक और सांसद होंगे, आजाद समाज पार्टी ने बढ़ रहे कचड़े को लेकर जगह जगह पर पोस्टर लगाया हैं और इन पोस्टर के माध्यम से यहाँ के आसंवेदनशील सांसद, विधायक और जिला प्रशासन ज़िन्दाबाद के साथ उन्हें जनता के प्रति उनकी जवाबदेही का एहसान दिलाने की कोशिश की है।
चुनाव के पहले बड़े बड़े वादे और चुनाव खत्म होते ही मानगो की जनता के साथ यह सौतेला व्यवहार करना यह बताता है कि राजनैतिक पार्टियों के मंत्री और विधायक को केवल जनता के वोटों से मतलब है, वह चाहे मौजूदा सांसद, विधायक हों या फिर पूर्व मंत्री और विधायक।
आज़ाद समाज पार्टी चुनाव के पहले भी जनता के मुद्दों के साथ खड़ी थी और आज भी खड़ी है, और पूरी ईमानदारी से जनता के समस्याओं को हल करने के लिए प्रयासरत है।
आज़ाद समाज पार्टी इस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से यह घोषणा करती है कि अगर अगले 3 दिनों में मानगो की सड़को पर फैले कचड़ों को नही उठाया गया तो हम आंदोलन को बाध्य होंगे और मानगो नगर निगम के कार्यालय के सामने सारे मानगो के कचड़े को फेकने का काम करेंगे और जनता के हित में उन्हें गंदगी और बीमारी से बचाने के लिए सड़क पर आंदोलन करेंगे।
आज के इस प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य रूप से जिला प्रभारी परवेज़ खालिद, ज़िला अध्यक्ष धीरज मुखी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुमताज़ खान, प्रदेश संगठन सचिव नईम खान, प्रदेश सचिव संत लाल।रविदास, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी जिब्रान आज़ाद, जुला उपाध्यक्ष शमीम अकरम, ज़िला युवा अध्यक्ष मज़हर खान, युवा उपाध्यक्ष फैय्याज अहमद, युवा सचिव वासिम अहमद, युवा सचिव कैफ, एजाज़ आलम, मौलाना अलाउद्दीन और अन्य उपस्थित थे।
"If Garbage is Not Collected from Mango Soon, Azad Samaj Party Will Protest."
For the past several days, the Mango area of Jamshedpur has been witnessing a lack of garbage collection by the Mango Municipal Corporation. This has resulted in streets, alleys, and neighborhoods being overwhelmed by garbage. The situation has worsened to the point where the main roads are half-covered with waste. The foul smell from the garbage has made it difficult for residents to live in their homes. This scenario is on the brink of becoming a health hazard, potentially leading to the spread of diseases in the coming days. If such a situation arises, the Mango Municipal Corporation, the district administration, local MLA, and MP will be directly responsible.
The Azad Samaj Party has raised awareness about the growing garbage problem by putting up posters across the area. Through these posters, they have attempted to remind the unresponsive MP, MLA, and district administration of their responsibility toward the citizens.
The disparity in treatment towards Mango’s residents after elections—contrary to the grand promises made before—clearly reflects that the ministers and MLAs of political parties are only interested in votes. This applies not only to the current MP and MLA but also to former ministers and legislators.
The Azad Samaj Party has always stood with public issues, both before and after elections. It remains committed to sincerely working towards resolving the problems faced by the citizens.
Through this press conference, the Azad Samaj Party announces that if the garbage on Mango’s streets is not cleared within the next three days, the party will be compelled to protest. They plan to dump all the garbage collected from Mango in front of the Mango Municipal Corporation office. Additionally, they will take to the streets to protest in the interest of safeguarding the public from filth and disease.
Prominent attendees of today’s press conference included: District In-charge Parvez Khalid, District President Dheeraj Mukhi, State Vice President Mumtaz Khan, State Organization Secretary Naim Khan, State Secretary Sant Lal Ravidas, State Social Media In-charge Jibran Azad, District Vice President Shameem Akram, District Youth President Mazhar Khan, Youth Vice President Faiyaz Ahmed, Youth Secretaries Wasim Ahmed, Kaif, Ejaz Alam, Maulana Alauddin, and others.


"सौरभ तिवारी का लगातार दूसरा शतक, टाटा स्टील जीता"

टाटा स्टील की टीम ने कीनन स्टेडियम में खेले गये जेएससीए ए डिवीजन क्रिकेट लीग के एक मैच में नोबल क्रिकेट क्लब को 106 रन से मात दी.
टाटा स्टील की टीम ने कीनन स्टेडियम में खेले गये जेएससीए ए डिवीजन क्रिकेट लीग के एक मैच में नोबल क्रिकेट क्लब को 106 रन से मात दी. टाटा स्टील की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 242 रन बनाये. सौरभ तिवारी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए लगातार दूसरा शतक जड़ा.
उन्होंने 141 रनों की नाबाद पारी खेली. नोबल सीसी के जयेश तिवारी और दुर्गेश कुमार ने तीन-तीन विकेट लिये. जवाब में नोबल क्रिकेट क्लब की टीम 38.5 ओवर में 137 रन पर सिमट गयी. अमन सिंह ने नाबाद 34 रन बनाये. फैजान व मिथुन मुखर्जी ने टाटा स्टील के ओर से तीन-तीन विकेट लिये. सौरभ तिवारी प्लेयर ऑफ द मैच रहे.
Saurabh Tiwari's Consecutive Century, Tata Steel Wins
Tata Steel's team defeated Noble Cricket Club by 106 runs in a match of the JSCA A Division Cricket League played at Keenan Stadium.
Tata Steel's team defeated Noble Cricket Club by 106 runs in a match of the JSCA A Division Cricket League played at Keenan Stadium. Tata Steel, batting first, scored 242 runs for the loss of 7 wickets in 50 overs. Saurabh Tiwari played a brilliant innings, scoring a consecutive century.
He remained unbeaten on 141 runs. Jaiyesh Tiwari and Durgesh Kumar of Noble CC took three wickets each. In reply, Noble Cricket Club's team was bowled out for 137 runs in 38.5 overs. Aman Singh scored an unbeaten 34 runs. Faizan and Mithun Mukherjee took three wickets each for Tata Steel. Saurabh Tiwari was named Player of the Match.


"हाथियों के झुण्ड का कहर, दो घरों और विद्यालय की खिड़कियां तोड़ी, फसल रौंदी"

जिले के कैरो और कुडू थाना क्षेत्र में जंगल से भटके 18 हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों में भय का माहौल बना दिया है। इस झुंड ने कैरो से होते हुए कुडू थाना क्षेत्र के सुकुरहुटू पतरा गांव तक अपना रास्ता अपनाया और फिर दोबा गांव पहुंचकर वहां दो मकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद, हाथियों का झुंड माराडीह गांव पहुंचा, जहां गांधी मेमोरियल टेन प्लस टू उच्च विद्यालय के कार्यालय कक्ष की दो खिड़कियां तोड़ दी और कार्यालय में रखे टेबल को पलट दिया। इसके साथ ही, कागजात को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों के आक्रामक होते ही, ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हाथियों ने दो किसानों के खेतों में लगी फसल को रौंद डाला। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा। फिलहाल, वन विभाग की टीम इस पूरे क्षेत्र में हाथियों के विचरण की निगरानी कर रही है, ताकि कोई बड़ा नुकसान न हो।
Herd of Elephants Wreaks Havoc: Damages Two Houses and School Windows, Tramples Crops
A herd of 18 elephants strayed from the forest, creating an atmosphere of fear among villagers in the Kairo and Kudu police station areas of the district. This herd moved from Kairo to Sukurhutu Patra village in the Kudu police station area, eventually reaching Doba village, where they destroyed two houses. Later, the herd arrived at Maradih village, where they broke two windows of the office room of Gandhi Memorial Ten Plus Two High School and overturned a table kept inside the office. They also damaged important documents.
As the elephants became aggressive, villagers tried to drive them away, after which the herd trampled the crops in two farmers’ fields. Upon receiving information, a forest department team reached the spot and, along with the villagers, drove the elephants back toward the forest. Currently, the forest department team is monitoring the movement of the elephants in the area to prevent further damage.


"रेलवे प्रबंधन के खिलाफ धरना, लोगों का फूटा गुस्सा"

जिले के मथुरापुर रेलवे स्टेशन से रेलवे को यात्री और माल भाड़ा से काफी आमदनी होती है। लेकिन रेल यात्रियों की बुनियादी सुविधाएं न के बराबर है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने ५ सूत्री मांगों के समर्थन में धरना दिया है। लोगों ने मांग शीघ्र पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बता दें कि मथुरापुर रेलवे स्टेशन दिल्ली हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है। देवघर जिला अंतर्गत इस स्टेशन से रेलवे को यात्री और माल भाड़ा से पर्याप्त आमदनी होती है। लेकिन यात्रियों के लिए इस स्टेशन परिसर में शौचालय तो है लेकिन अभी तक चालू नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं स्टेशन पर जगह जगह नल कनेक्शन भी है लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं है। अच्छी खासी आमदनी देने वाला इस स्टेशन से सुबह 7 से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट में डाउन की तरफ एक भी ट्रेन नहीं है और सुबह 11 से शाम 7 बजकर 30 मिनट में अप लाइन में एक भी ट्रेन का परिचालन नहीं होने से स्थानीय लोगों को हाट बाजार, कोर्ट कचहरी, स्कूल कॉलेज आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ट्रेन का परिचालन नहीं होने से अपने अपने जेब के अनुसार स्थानीय लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का काम कर रहे हैं। पहले इस स्टेशन पर हावड़ा अमृतसर बनारस और सियालदह मुजफ्फरपुर जैसी ट्रेनों का ठहराव हुआ करता था लेकिन रेलवे द्वारा ट्रेन के ठहराव पर रोक लगा दी गई.
रेलवे को अच्छी खासी राजस्व देने वाला मथुरापुर स्टेशन पर टाटानगर से बक्सर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव, सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच 2 लोकल ट्रेन का ठहराव इस स्टेशन पर करने सहित 5 सूत्री मांगों के समर्थन में रेलवे के खिलाफ सोमवार को स्थानीय लोगों ने धरना दिया। सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व डीआरयूसीसी के सदस्य और भारतीय राष्ट्रीय फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव जनार्दन पांडेय के नेतृत्व में धरना का कार्यक्रम आयोजित हुआ। सोमवार अहले सुबह से ही लोगों ने मथुरापुर स्टेशन के समीप धरना पर बैठ कर रेलवे प्रबंधन से अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ उठाई। धरना प्रदर्शन करने वाले लोगों की अन्य मांगों में अर्जुन नगर हॉल्ट पर सभी लोकल ट्रेन का ठहराव तथा फुट ओवरब्रिज का निर्माण, मथुरापुर, अर्जुन नगर हॉल्ट एवं शंकरपुर स्टेशनों पर कम्प्यूटरीकृत टिकट बुकिंग काउंटर, पेयजलापूर्ति, प्रतीक्षालय एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मथुरापुर में लगभग सत्तर से अस्सी वर्षों से छोटे-मोटे दुकान चलाकर जी रहे लोगों को रेलवे विस्तारीकरण के कारण विस्थापित हुए परिवारों को पुनर्वास की व्यवस्था करने, ध्वस्त जमीन मकान के लिए प्रति परिवार को न्यूनतम दस लाख मुआवजा देने तथा विस्थापितों को दुकान की व्यवस्था कर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग शामिल है। स्थानीय लोगों द्वारा अपनी मांगों का आवेदन आसनसोल रेल मंडल प्रबंधक के माध्यम से रेल मंत्री को भेजा जाएगा। बहुत दिनों से स्थानीय लोगों द्वारा रेलवे से मांग की जाती आ रही है लेकिन रेलवे द्वारा कोई पहल नहीं की। स्थानीय लोगों की मानें तो यह अंतिम आवेदन है। अगर यात्रियों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो रेलवे प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जायेगा।
Protest Against Railway Management, Public Anger Erupts
Mathurapur railway station in the district generates significant revenue for the railways from passenger and freight services. However, the basic facilities for passengers are almost non-existent. In response, local residents staged a protest in support of their five-point demands, warning of an intense agitation if their demands are not met promptly.
It is noteworthy that Mathurapur railway station is situated on the Delhi-Howrah main rail route. The station, under the jurisdiction of Deoghar district, contributes substantial revenue from passenger and freight services. However, despite this, essential facilities remain inadequate. There are toilets in the station premises, but they are yet to be operational. Moreover, although there are several water taps, there is no water supply.
The station faces a significant issue with train operations. Between 7 AM and 2:45 PM, there is no train running towards the down line, and from 11 AM to 7:30 PM, there is no train on the up line. This causes considerable difficulties for locals traveling to markets, courts, schools, and colleges. The lack of train services has forced locals to manage their daily routines based on their financial capacity. Previously, prominent trains such as Howrah-Amritsar, Banaras, and Sealdah-Muzaffarpur had stoppages at this station, but the railway has now discontinued them.

On Monday, locals protested against the railway management with demands, including the halt of the Tata-Buxar Express at Mathurapur station, the introduction of two local trains between 7 AM and 3 PM, and other issues. The protest was led by social activist Janardan Pandey, a former DRUCC member and General Secretary of the Indian National Forward Bloc. Residents gathered near Mathurapur station early Monday morning to voice their concerns.
Their additional demands include halts for all local trains at Arjun Nagar Halt, the construction of a foot overbridge, computerized ticket booking counters, proper water supply, waiting rooms, and toilet facilities at Mathurapur, Arjun Nagar Halt, and Shankarpur stations. They also called for the rehabilitation of families displaced due to railway expansion, providing at least ₹1 million compensation per family for demolished land and houses, and ensuring alternative arrangements for displaced shopkeepers.
The residents plan to send their list of demands to the Railway Minister via the Asansol Rail Division Manager. Despite long-standing requests, the railway has made no efforts to address their concerns. According to locals, this is their final plea. If the demands are not met soon, they will launch a more aggressive protest against the railway management.