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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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शनिवार, 9 नवंबर 2024

बिना ड्राइवर खुद ही चला इंजन पटरी से उतरा, मुंगेर के जमालपुर में टला बड़ा रेल हादसा

मुंगेर: बिहार में एक बार फिर से रेल हादसा हुआ है। इस बार मुंगेर जिले में स्थित जमालपुर रेलवे स्टेशन के रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) क्रासिंग के पास एक रेल इंजन पटरी से उतर गया।
बताया जा रहा है कि रेल इंजन के तीन पहिए रेलवे लाइन से उतर गए। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस हादसे के कारण कुछ देर के लिए जमालपुर रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अपने आप चल पड़ा इंजन
घटना के संबंध में बताया जाता है कि इंजन खड़ा करने के बाद शंटिंग मैन और लोको पायलट वहां से चले गए थे। कुछ समय बाद इंजन अपने आप लगभग 50 मीटर आगे बढ़ गया और आरआरआई के पास जाकर उसके तीन पहिए पटरी से उतर गए। घटना की जानकारी मिलते ही इंजीनियरिंग और कैरेज विभाग के कर्मचारी जल्दी से घटनास्थल पर पहुंचे और हाथों में जैक और अन्य उपकरणों के साथ पटरी से उतरे पहियों को वापस पटरी पर लाने के प्रयास में जुट गए।
तीसरी लाइन पर परिचालन बाधित
घटना के बाद किऊल-जमालपुर-भागलपुर रेल खंड पर तीसरी नंबर लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया। हालांकि, एक और दो नंबर लाइन से अप-डाउन मार्ग की ट्रेनें चलती रहीं। डाउन मार्ग में दिल्ली से कामाख्या जा रही ब्रह्मपुत्र मेल और अप लाइन में साहिबगंज से दानापुर जा रही इंटरसिटी आधे घंटे तक प्रभावित हुईं। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
रेलवे अधिकारियों ने लिया एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के पीडब्ल्यूआई और सेक्शन इंजीनियर की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मालदा रेल मंडल की ओर से इस घटना की जांच का आदेश भी जारी कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार 8 नवंबर की शाम जमालपुर स्टेशन के लाइन संख्या तीन पर एक इलेक्ट्रिक इंजन नंबर 30029 खड़ा किया गया था।

घटना के बाद राहत-बचाव में देरी
हालांकि, यार्ड में होने के बावजूद घटना के करीब दो घंटे बाद भी राहत व बचाव वाहन (एआरटी) मौके पर नहीं पहुंचा था। स्टेशन प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि इंजन के पटरी से उतरने के बाद ट्रेनों के परिचालन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। केवल तीन नंबर लाइन से ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है, बाकी लाइनें चालू हैं।


Munger: Another train accident has occurred in Bihar. This time, an engine derailed near the Route Relay Interlocking (RRI) crossing at Jamalpur Railway Station in Munger district.
It is reported that three wheels of the engine slipped off the tracks. Fortunately, no major accident occurred. This incident caused a brief panic at the Jamalpur Railway Station.

Engine Moved on Its Own
According to sources, the engine was parked, and both the shunting man and the loco pilot had left. After some time, the engine moved about 50 meters on its own and derailed near the RRI point, with three wheels coming off the track. As soon as the incident was reported, engineering and carriage department staff quickly reached the site with jacks and other tools, working to get the derailed wheels back on track.

Operations Disrupted on the Third Line
After the incident, train operations on the third line of the Kiul-Jamalpur-Bhagalpur railway section were suspended. However, trains continued to run on the first and second lines. The Brahmaputra Mail from Delhi to Kamakhya on the down line and the Intercity from Sahibganj to Danapur on the up line were delayed by about half an hour. This incident created a stir among railway officials.

Railway Officials Took Action
As soon as the incident was reported, teams of PWI and section engineers from the railway immediately reached the spot. The Malda Railway Division has also ordered an investigation into the incident. According to officials, an electric engine numbered 30029 had been parked on Line No. 3 at Jamalpur station on the evening of Friday, November 8.

Delayed Rescue and Relief Efforts
Although the incident occurred in the yard, the relief and rescue vehicle (ART) had not reached the spot even two hours later. Station Manager Sanjay Kumar said that train operations were not significantly affected by the derailment, as only the third line has been closed for train movement, while the other lines remain operational.

पंडित चंद्रकांत आप्टे म्यूजिक फाउंडेशन के तत्वावधान में दो दिवसीय संगीत समारोह का आयोजन

 जमशेदपुर में किया जा रहा है।। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत HB के क्षेत्र में उभरते हुए नये नये कलाकारों को मंच प्रदान करना, भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रचार प्रसार करना है,
इसी के तहत हमारे इस दो दिवसीय संगीत समारोह में हमारा *फाउंडेशन* भारतीय शास्त्रीय संगीत के अलग-अलग विधाओं में पारंगत हमारे देश के युवा कलाकारों को आमंत्रित किया है, अतः आप सभी से अनुरोध है कि आप और अपने मित्रगण, सपरिवार हमारे इस दो दिवसीय संगीत समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज करायें और भारतीय शास्त्रीय संगीत के अलग-अलग विधाओं का आनंद लें और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।। धन्यवाद 
*जय हिंद जय भारत जय संगीत* 
निवेदक,
*Rajesh Kumar Thakur पंडित चंद्रकांत आप्टे म्यूजिक फाउंडेशन*
"Pandit Chandrakant Apte Music Foundation" presents a two-day music festival
Date: 9th and 10th November 2024
Venue: Tulsi Bhavan, Jamshedpur

The primary objective of this program is to provide a platform for emerging young artists in the field of Indian classical music and to promote Indian classical music.
Under this initiative, our foundation has invited young artists from across the country who are proficient in various genres of Indian classical music to perform in our two-day music festival.

We cordially invite you, your friends, and family to join us and enjoy the diverse genres of Indian classical music. Your presence will contribute significantly to the success of this event.

Thank you
"Jai Hind, Jai Bharat, Jai Sangeet"

Rajesh Kumar Thakur
Pandit Chandrakant Apte Music Foundation

गुरुवार, 7 नवंबर 2024

सलमान खान के बाद शाहरुख खान को भी मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस ने ट्रेस किया कॉलर




बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के बाद अब शाहरुख खान को भी जान से मारने की धमकी मिली है, जिससे बॉलीवुड इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। जानकारी के अनुसार, शाहरुख खान को धमकी मिलने के बाद मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और कॉलर का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने कॉल ट्रेस किया
शाहरुख खान को मिली धमकी के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी। जब पुलिस ने कॉल को ट्रेस किया, तो पता चला कि धमकी देने वाला शख्स रायपुर का रहने वाला है। इसके बाद मुंबई पुलिस की एक टीम रायपुर भेजी गई, जहां इस मामले की आगे की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है, और धमकी देने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। 
इससे पहले सलमान खान को मिली थी धमकी
यह घटना कुछ ही दिनों बाद हुई जब बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को भी जान से मारने की धमकी मिली थी। सलमान खान को भी एक फोन कॉल के जरिए धमकी दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की थी। सलमान खान का मामला अभी भी चल रहा है, और पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई कदम उठाए हैं। 
बॉलीवुड सितारों को मिल रही धमकियां
हाल के दिनों में बॉलीवुड सितारों को जान से मारने की धमकियां मिलना एक चिंता का विषय बन गया है। पहले सलमान खान और अब शाहरुख खान को मिली धमकियों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। इन घटनाओं से यह साफ हो गया है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बॉलीवुड में चिंताएं बढ़ गई हैं। अब सवाल यह है कि क्या बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि उन्हें इस तरह के खतरों से बचाया जा सके।
Bollywood Security Concerns Rise After Death Threats to Salman and Shah Rukh Khan
Bollywood superstar Shah Rukh Khan has received a death threat, sending shockwaves through the film industry, just days after Salman Khan faced a similar threat.
  According to reports, a case has been
filed at Mumbai's Bandra police station following the threat. Police have launched an investigation and traced the call to a person in Raipur.
The police have intensified their probe and sent a team to Raipur to investigate further. The accused's details are being gathered, and preparations are underway to take stringent action against the culprit.
  This incident comes after Salman Khan    received a death threat via phone call, prompting immediate police action. The investigation into Salman Khan's case is ongoing.
Recent death threats to Bollywood stars have raised concerns about their security. The threats to Salman Khan and Shah Rukh Khan have heightened these concerns.


छठ महापर्व की शुरुआत की कहानी, माता सीता की छठ पूजा से जुड़ी लोककथाएं

सबसे पहले कहां और किसने किया था छठ?
*पटना :* छठ का त्योहार ज्यादातर बिहार में मनाया जाता है. विदेशों से भी लोग किसी त्योहार पर भले ही अपने घर न आए लेकिन छठ पर जरूर आते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार में छठ की शुरुआत कब और किस जगह से हुई थी. छठ महापर्व की शुरुआत मुंगेर से हुई थी और माता सीता ने पहली बार मुंगेर में उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर एक छोटे पर्वत पर छठ पूजन किया था.
*सबसे पहले कहां और किसने किया था छठ?*
लोक आस्था के महापर्व छठ की मुंगेर में खास अहमियत है. इस पर्व को लेकर यहां कई लोककथाएं प्रचलित हैं. उनमें से एक कथा के अनुसार सीता माता ने यहां छठ व्रत कर इस पर्व की शुरुआत की थी. आनंद रामायण के अनुसार मुंगेर जिले के बबुआ गंगा घाट से दो किलोमीटर दूर गंगा के बीच में स्थित पर्वत पर ऋषि मुद्गल के आश्रम में मां सीता ने छठ किया था. माता सीता ने जहां पर छठ किया था. वह स्थान वर्तमान में सीता चरण मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, तब से अंग और मिथिला समेत पूरे देश मे छठ व्रत मनाया जाने लगा.
वहीं छठ पर्व को लेकर धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं भी हैं कि रामायण काल में मुंगेर की गंगा नदी के तट पर मां सीता ने पहली बार छठ व्रत किया था. इसके बाद से छठ व्रत मनाया जाने लगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सीता ने सबसे पहले मुंगेर में उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर छठ व्रत किया था, जिस स्थान पर मां सीता ने छठ पूजा की थी. बबुआ गंगा घाट के पश्चिमी तट पर दियारा इलाके में स्थित मंदिर में माता का चरण पदचिह्न और सूप का निशान एक विशाल पत्थर पर अभी भी मौजूद है.
माता सीता ने 6 दिनों तक छठ पूजा की
वह पत्थर 250 मीटर लंबा 30 मीटर चौड़ा है. यहां पर एक छोटा सा मंदिर भी बना हुआ है, जिसे अभी लोग सीता चरण मंदिर के नाम से जानते हैं. वही धर्म के जानकार पंडित का कहना है कि ऐतिहासिक नगरी मुंगेर के सीता चरण में कभी मां सीता ने 6 दिनों तक रहकर छठ पूजा की थी, जब भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे, तो उन पर ब्राह्मण हत्या का पाप लग गया था. क्योंकि रावण ब्राह्मण कुल से आते थे और इस पाप से मुक्ति पाने के लिए ऋषि मुनियों के आदेश पर राजा राम ने राजसूय यज्ञ कराने का फैसला किया.
सूरज की उपासना करने की सलाह
इसके बाद मुद्गल ऋषि को आमंत्रित किया गया था लेकिन मुद्गल ऋषि ने अयोध्या आने से पहले भगवान राम और सीता माता को अपने आश्रम बुलाया और भगवान राम को मुंगेर में ही ब्रह्म हत्या मुक्ति यज्ञ करवाया. क्योंकि महिलाएं यज्ञ में भाग नहीं ले सकती थीं. इसलिए माता सीता को मुद्गल ऋषि ने आश्रम में ही रहने का निर्देश दिया और उन्हें सूरज की उपासना करने की सलाह दी.
दूर-दूर से छठ के लिए आते हैं लोग
मां सीता के मुंगेर में छठ व्रत करने का जिक्र आनंद रामायण के पृष्ठ संख्या 33 से 36 में भी है, जहां मां सीता ने व्रत किया वहां माता सीता के दोनों चरणों के निशान मौजूद हैं. इसके अलावा शीला पाठ सूप, डाला और लोटा के निशान हैं. मंदिर का गर्भगृह साल में 6 महीने तक गंगा के गर्भ में समाया रहता है. यह मंदिर 1974 में बनकर तैयार हुआ था, जहां दूर-दूर से लोग छठ व्रत करने के लिए आते हैं. मान्यता है कि छठ व्रत करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
The Origins of Chhath Puja: Mata Sita's Chhath Worship in Munger
*Where and Who Started Chhath Puja?*

Chhath festival is mainly celebrated in Bihar, and people from abroad also return to their homes to participate in this festival. But do you know where and how Chhath Puja originated in Bihar?
*Origin of Chhath Puja*

Chhath Mahaparv began in Munger, and Mata Sita first performed Chhath Puja on the banks of the Uttravahini Ganga River. According to Anand Ramayan, Mata Sita performed Chhath at Rishi Mudgal's ashram, located two kilometers from Babua Ganga Ghat.
*Mata Sita's 6-Day Chhath Puja*

Mata Sita worshipped the Sun God for six days, following which the Chhath festival spread across Anga, Mithila, and the rest of India. The spot where Mata Sita performed Chhath Puja is now known as Sita Charan Mandir.
*Historical Significance*

The temple, situated 250 meters long and 30 meters wide, houses Mata Sita's footprints and a soup bowl on a large stone. According to religious scholars, Mata Sita performed Chhath Puja for six days when Lord Rama returned to Ayodhya after completing his 14-year exile.
*Sun Worship*

Rishi Mudgal advised Lord Rama and Mata Sita to perform Sun worship to atone for Brahmin killing. Since women couldn't participate in yajna, Mata Sita stayed at Rishi Mudgal's ashram and performed Chhath Puja.
*Devotees Visit from Far and Wide*

The Sita Charan Mandir, built in 1974, attracts devotees from far and wide to perform Chhath Puja. The temple's sanctum sanctorum remains submerged in the Ganges for six months annually. Devotees believe that Chhath Puja fulfills all wishes.