बहरागोड़ा क्षेत्र के खंडामौदा गांव में शनिवार से तीन दिवसीय सार्वजनिक मां शीतला पूजा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य पुजारी कराली किंकर त्रिपाठी, स्वपन मिश्रा, विनय रथ,शुशांत कर,आसिष सतपति के वैदिक रीति रिवाज से गांव में स्थित बेलसाघर तालाब से पूजा पाठ कर कलश डूबो कर लाया गया। मुख्य पुजारी द्वारा कलश को अपने सिर पर रखकर स्थानीय संकीर्तन मंडली एवं बाजे गाजे के साथ गांव का परिभ्रमण कर पूजा स्थल में लाकर कलश स्थापना किया गया.
माता शीतला के पूजन को लिए महिलाओं में काफी उत्साह दिखाई दिया. भक्तों ने लाइन में लगकर एक-एक कर माता की पूजन व दर्शन किया.माता शीतला के पूजा में जजमान के रूप में देवदत्त बेरा पूजा में बैठे.कलश लाने के दौरान सैकड़ों महिला तथा पुरूष शामिल हुए। महिलाओं ने शंख बजाकर माता के प्रति भक्ति दिखाई। पुरूषों ने माता शीतला के जय जयकारे से गूंज उठा. शीतला मंदिर के सामने महिलाओं ने मन्नत मांगने के लिए दण्डवत होकर प्रणाम किए.तत्पश्चात कलश लिए मुख्य पुजारी को 9 महिलाओं द्वारा हल्दी पानी से पैर धोकर तथा आरती कर मंदिर में प्रवेश कराया.स्थानीय लोगों का मानना है कि माता शीतला के पूजा करने से घर में सुख समृद्धि एवं रोग निवारण रहता है. रोगों की देवी माता शीतला की आशीर्वाद सभी परिवारों पर बनी रहती है.
दोपहर को माता शीतला
पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं को खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया.इस शीतला माता की पूजा को सफल बनाने को लेकर गांव के सभी लोग जुटे हुए हैं।

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